भारत के कई टुकड़े होंगे तभी बांग्लादेश में शांति आएगी।बांग्लादेश के सेना के रिटायर जनरल ने उगला जहर, जमात लीडर है पिता।
बांग्लादेश की सेना के एक पूर्व जनरल अब्दुलाहिल अमान आजमी ने भारत के खिलाफ बेहद भड़काऊ बयान दिया है। आजमी ने कहा कि बांग्लादेश में तब तक पूरी तरह से शांति नहीं आएगी, जब तक कि भारत कई टुकड़ों में बंट नहीं जाता है। आजमी बांग्लादेश की कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी जमात-ए- इस्लामी के पूर्व चीफ गुलाम आजम का बेटा है। आजमी ने ढाका प्रेस क्लब में एक ऑनलाइन चर्चा के दौरान भारत के खिलाफ यह भड़काऊ बयान दिया। आजमी के इस बयान पर भारत में सोशल मीडिया में लोग भड़क उठे हैं। आजमी ने दावा किया कि भारत हमेशा से बांग्लादेश में अशांति को जिंदा रखना चाहता है। आजमी के पिता को युद्धपराधी दोषी पाया गया था।
मीनाक्षी विजय कुमार भारद्वाज/मुंबई भारत के कई टुकड़े होंगे तभी बांग्लादेश में शांति आएगी।बांग्लादेश के सेना के रिटायर जनरल ने उगला जहर, जमात लीडर है पिता।
महाराष्ट्र/मुंबई: बांग्लादेश ढाका: बांग्लादेश की सेना के एक पूर्व जनरल अब्दुलाहिल अमान आजमी ने भारत के खिलाफ बेहद भड़काऊ बयान दिया है। आजमी ने कहा कि बांग्लादेश में तब तक पूरी तरह से शांति नहीं आएगी, जब तक कि भारत कई टुकड़ों में बंट नहीं जाता है। आजमी बांग्लादेश की कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी जमात-ए- इस्लामी के पूर्व चीफ गुलाम आजम का बेटा है। आजमी ने ढाका प्रेस क्लब में एक ऑनलाइन चर्चा के दौरान भारत के खिलाफ यह भड़काऊ बयान दिया। आजमी के इस बयान पर भारत में सोशल मीडिया में लोग भड़क उठे हैं। आजमी ने दावा किया कि भारत हमेशा से बांग्लादेश में अशांति को जिंदा रखना चाहता है। आजमी के पिता को युद्धपराधी दोषी पाया गया था।
बांग्लादेशी जनरल ने भारत के खिलाफ उगला जहर।
आजमी का पिता साल 1971 के आजादी युद्ध के दौरान हिंदुओं और स्वतंत्रता समर्थक बंगालियों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार है। उसने आरोप लगाया कि भारत ने साल 1975 से 1996 के बीच चटगांव हिल्स इलाके में अशांति को भड़काया जिसमें बांग्लादेश के दक्षिणी पूर्वी चटगांव जिले के भारत से लगे तीन जिले शामिल हैं। आजमी ने दावा किया, ‘शेख मुजीबुर रहमान सरकार के दौरान परबात्या चातोग्राम जन समहाती समिति का गठन किया गया था। इसकी हथियारबंद शाखा शांति वाहिनी है। भारत ने इसको शरण दी और हथियार तथा ट्रेनिंग दिया। इसकी वजह से बांग्लादेश के पहाड़ी इलाके में 1975 से लेकर 1996 के बीच खून खराबा हुआ।’
मोहम्मद युनूस के कार्यकाल में जमात हुई मजबूत।
बांग्लादेशी सेना के पूर्व जनरल ने चटगांव हिल शांति समझौते की आलोचना की जिस पर साल 1997 में हस्ताक्षर हुआ था। उसने कहा कि शांति वाहिनी का हथियार सरेंडर करना केवल दिखावे के लिए था। इस शांति समझौते पर 2 दिसंबर 1997 को ढाका में हस्ताक्षर हुआ था। यह बांग्लादेश सरकार और परबात्या चातोग्राम जन समहाती समिति के बीच हुआ था। बता दें कि आजमी बांग्लादेश के अंदर बहुत ही विवादित शख्सियत हैं। वह अक्सर सोशल मीडिया पर भारत और उसकी क्षेत्रीय भूराजनीति की आलोचना करते रहते हैं।आजमी ने भारत के खिलाफ यह बयान ऐसे समय पर दिया है जब दोनों देशों के बीच रिश्ते रसातल में चल रहे हैं। मोहम्मद युनूस सरकार एक के बाद एक भारत विरोधी कदम उठा रही है। युनूस पाकिस्तान के साथ रिश्ते मजबूत कर रहे हैं। बांग्लादेश में लगातार जमात-ए-इस्लामी ताकतवर हो रही है। उसे तुर्की तथा पाकिस्तान का खुलकर समर्थन मिल रहा है। युनूस सरकार लगातार भारत से शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग कर रही है लेकिन भारत ने इसे खारिज कर दिया है। बांग्लादेश भारत से लगते इलाके में ड्रोन से निगरानी कर रहा है और सैन्य अड्डे को आधुनिक बना रहा है।